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PM SVANidhi योजना 2030 तक बढ़ी, बदलेगी लाखों रेहड़ी-पटरी वालों की किस्मत; जानें पीएम मोदी ने किए क्या-क्या एलान?_我的网站

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一 |     〈사진출처=연합뉴스〉 김윤덕 국토교통부 장관이 "그린벨트에 대해 전향적으로 검토하겠다는 서울시 입장에 환영을 표한다"고 말한 데 대해 서울시가 "용산공원 내 주택공급 방침 철회를 전제로 한 것이었다"고 해명했습니다. 오세훈 서울시장과 김윤덕 국토교통부 장관이 오늘(26일) 서울의 한 식당에서 만나 주택 공급 등의 문제를 협의했습니다. 김 장관은 만남 이후 자신의 SNS를 통해 "결과적으로 합의에 이르지 못했으나, 그린벨트에 대해 전향적으로 검토하겠다는 서울시의 입장에 환영을 표한다"고 말했습니다. 그러자 서울시도 곧바로 입장문을 내고 "서울시가 말한 그린벨트 검토는 정부가 용산공원 내 주택공급 방침을 철회한다는 것을 전제로, 이미 훼손돼 보전가치가 낮은 일부 그린벨트 해제를 검토할 수 있다는 취지"라고 밝혔습니다. 그러면서, 서울시는 "정부가 현실 불가능한 용산공원 주장을 내려놓는다면 탄천물재생센터를 비롯한 대체부지와 훼손된 그린벨트 등 서울의 주택공급 확대를 위한 합리적인 방안을 얼마든지 함께 논의할 준비가 돼 있다"고 설명했습니다. 서울시는 '용산공원 주택공급 불가' 입장을 강조하고 있지만 김 장관은 전혀 다른 생각입니다. 김 장관은 서울시에 "'어떤 경우에도 용산 미군 반환부지 내에 절대 집을 지을 수 없다'는 용산 불가론만 고수해선 안 된다"면서 "장교 숙소 등 이미 훼손된 부지 일부를 활용하는 것과 그에 대한 공론화 절차에 대해서도 열린 마음으로 동참해 달라"고 요구했습니다. 두 사람은 다음 주쯤 다시 만나 용산공원과 서울시가 제시한 탄천물재생센터 부지 등을 놓고 이견을 좁혀나갈 예정입니다.。    नई दिल्ली | सड़क पर छोटा-मोटा कारोबार करने वाले लाखों रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme Extended) को 31 मार्च 2030 तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इस योजना पर सरकार 7,332 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इससे करीब 1.15 करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा, जिनमें 50 लाख नए लाभार्थी भी शामिल हैं।,योजना में कई अहम बदलाव किए गए हैं। सबसे बड़ी राहत कर्ज बढ़ाने (loan extension) के रूप में दी गई है:

  • पहली किश्त का लोन अब 10,000 से बढ़ाकर 15,000 रुपए कर दिया गया है।
  • दूसरी किश्त का लोन 20,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपए किया गया है।
  • तीसरी किश्त 50,000 रुपए पर ही बनी रहेगी।
जो लोग समय पर दूसरी किश्त चुकाएंगे, उन्हें अब यूपीआई-लिंक्ड रूपे क्रेडिट कार्ड (RuPay credit card, दिया जाएगा। इससे उन्हें तुरंत पैसा मिलेगा, चाहे बिज़नेस बढ़ाना हो या निजी जरूरत पूरी करनी हो। सरकार ने डिजिटल लेन-देन को भी बढ़ावा देने का फैसला लिया है। विक्रेताओं को अब थोक और खुदरा लेन-देन पर 1,600 रुपए तक का कैशबैक (digital cashback) मिलेगा।,यह भी पढ़ें- UPS vs NPS: सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! यूपीएस से एनपीएस में स्विच करने का बड़ा मौका, लेकिन कब तक? जानें योजना सिर्फ कर्ज तक सीमित नहीं होगी। सड़क पर खाने-पीने का सामान बेचने वाले विक्रेताओं को अब एफएसएसएआई (FSSAI) की मदद से स्वच्छता और फूड सेफ्टी की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही सरकार विक्रेताओं को उद्यमिता, डिजिटल स्किल और मार्केटिंग की ट्रेनिंग भी देगी ताकि वे अपना कारोबार और आगे बढ़ा सकें।,योजना का एक अहम हिस्सा 'स्वनिधि से समृद्धि' पहल है। इसके तहत हर महीने लोक कल्याण मेले लगाए जाएंगे ताकि अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी विक्रेताओं और उनके परिवारों तक पहुंच सके। ,यह भी पढ़ें- PM Kisan 21st Installment: अब समय पर आएगी किस्त, बैंक नहीं रोक पाएंगे पैसा; जानें सरकार ने दिए क्या निर्देश? गौरतलब है कि पीएम स्वनिधि योजना जून 2020 में शुरू हुई थी। कोविड-19 महामारी के समय लाखों छोटे विक्रेताओं को इसने सहारा दिया। अब तक 96 लाख से ज्यादा लोन स्वीकृत हो चुके हैं और लगभग 47 लाख लोग डिजिटल लेन-देन से जुड़े हैं।,
  • जून 2020 से अब तक 96 लाख से ज्यादा लोन दिए जा चुके।
  • लगभग 68 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को फायदा हुआ।
  • करीब 47 लाख लोग डिजिटल लेन-देन से जुड़े। 
  • अब तक 557 करोड़ डिजिटल ट्रांजैक्शन किए जा चुके, जिनकी कुल कीमत 6.09 लाख करोड़ रुपए है।
  • विक्रेताओं को 241 करोड़ रुपए कैशबैक भी मिला।
सरकार का मानना है कि इस विस्तार से रेहड़ी-पटरी वालों का कारोबार बढ़ेगा और उनके परिवारों का सामाजिक-आर्थिक विकास भी होगा।。

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